तलाक क्या होता है? तलाक के मुख्य कारण क्या हो सकते हैं?

हिंदू लोगों में यह मान्यता होती है कि जब भी हिंदू मान्यता के अनुसार एक बार विवाह हो जाता है, तो उसमें पति-पत्नी से अपेक्षा की जाती है कि वह अपना पूरा जीवन साथ में व्यतीत करें। लेकिन कई बार कुछ स्थिति ऐसी हो जाती है, जिसमे शादी होने के पश्चात पति या पत्नी के खयालात नहीं मिलते हैं या फिर पति और पत्नी एक साथ एडजस्ट नहीं हो पा रहे होते हैं।

तो ऐसे में घर में तरह-तरह के क्लेश शुरू हो जाते हैं। जिससे परिवार की सुख शांति क्षीण हो जाती है। ऐसे में इन सब से निकलने का एक ही तरीका होता है कि पति-पत्नी पृथक हो जाए और अपना जीवन अलग-अलग व्यतीत करें।

इसके लिए इन लोगों को तलाक लेने की आवश्यकता होती है। क्योंकि भारतीय कानून में शादी के पश्चात पति-पत्नी के रिश्ते को खत्म करने के लिए तलाक की एक मात्र रास्ता होता है।

तो आईए समझते हैं- तलाक क्या होता है? | What is divorce? तलाक कितने प्रकार का होता है? तथा पति पत्नी के बीच तलाक के क्या-क्या कारण बनते हैं? इन सभी तथ्यों के विषय में आज के इस आर्टिकल के माध्यम से हम समझेंगे। तो चलिए शुरू करते हैं।

तलाक क्या होता है? | Talak kya hota hai?

शादी के पश्चात पति पत्नी यदि अपनी शादी से खुश नहीं है, और वह किसी भी प्रकार के आपसी मतभेद की वजह से आपस में रहना नहीं चाहते हैं। तो ऐसी स्थिति में शादी के रिश्ते को खत्म करने की प्रक्रिया को तलाक कहते हैं। तलाक की सहायता से पति पत्नी के रिश्ते को खत्म किया जाता है.

जिससे वह इस रिश्ते से स्वतंत्र हो जाते हैं। तलाक को अंग्रेजी में डिवोर्स (Divorce) कहते हैं। भारतीय सरकार ने हिंदू मैरिज एक्ट की धारा 13 के तहत तलाक का अधिकार दिया है। तो चलिए तलाक़ के प्रकार के बारे में जानते है।

हिंदू मैरिज एक्ट के आधार पर तलाक कितने प्रकार के होते हैं?

तलाक दो प्रकार के होते हैं-

1. आपसी सहमति से तलाक (Mutual consent Divorce)

आपसी सहमति से तलाक उन मामलों में होता है। जब पति-पत्नी दोनों तलाक के लिए राजी हो, तो इस प्रकार के मामलों में न्यायालय द्वारा याचिका पर ध्यान दिया जाता है इस प्रकार के तलाक में कानून के नियम के अनुसार पति-पत्नी को 6 महीने के लिए साथ में रहने का प्रावधान है।

2. बिना आपसी सहमति के तलाक कंसेंट तलाक

इस बार प्रकार के मामलों में तलाक तब लिया जाता है। जब पति या पत्नी में कोई एक पक्ष तलाक के लिए अर्जी दे रहा हो, लेकिन इस प्रकार के मामलों में जो पक्ष तलाक के लिए अर्जी देता है। उसके लिए एक स्पष्ट कारण दिखाना होता है। इसके बाद ही न्यायालय तलाक की अर्जी स्वीकार करता है और उस पर आगे की प्रक्रिया करता है।

तलाक के मुख्य कारण क्या हो सकते हैं?

समानता किसी भी शादी का आधार पति और पत्नी के बेहतर समझदारी के आधार पर चलता है। और हिंदू धर्म में जब भी कोई शादी होती है, तो उसमें पति और पत्नी से अपेक्षा की जाती है। कि वह अपना पूरा जीवन साथ में बताएं। लेकिन यदि किसी स्थिति में पति और पत्नी की नहीं बनती है तो ऐसी स्थिति में वह तलाक के लिए आवेदन करते हैं। तो चलिए जानते हैं- कि तलाक लेने के क्या-क्या कारण हो सकते हैं?

  • पति और पत्नी के रिश्ते में बेहतर समझदारी नहीं होती है तो ऐसी स्थिति में यह तलाक का कारण बन सकता है।
  • हम सभी जानते है, रिश्तो में सबसे ज्यादा झूठ बढ़ जाए तो ऐसे रिश्ते ज्यादा नहीं चल पाते हैं।
  • विवाह के पश्चात पत्नी की पति के घर वालों के साथ नहीं बनती हो, तो ऐसी स्थिति में भी यह तलाक का कारण बन सकता है।
  • यदि पति और पत्नी में किसी का भी किसी दूसरे के साथ अवैध संबंध हो, तो ऐसी स्थिति भी तलाक का कारण बनती है।
  • शादी होने के पश्चात पति पत्नी कोई भी कार्य करते हैं। तो आज के समय में अपेक्षा की जाती है कि दोनों मिलजुल कर कार्य करें। ऐसे में यदि दोनों के बीच का संवाद में किसी भी प्रकार की गलतफहमी है। तो ऐसी स्थिति में भी दोनों के बीच नहीं बन पाती है। और यह एक तालाब का कारण बन सकता है।
  • कई मामलों में देखने को मिलता है कि पति द्वारा पत्नी के साथ गलत बर्ताव तथा पत्नी के साथ मारपीट करना, यह भी तलाक का एक बड़ा कारण बनता है।
  • पारिवारिक झगड़ों तथा परिवार के लोगों को नए रिश्तों को लेकर सही से नहीं समझना, भी पति-पत्नी खतरनाक का कारण बन सकता है।
  • पति या फिर पति के परिवार द्वारा पत्नी को दहेज के लेकर किसी भी प्रकार से परेशान किया जाए, तो यह भी एक प्रकार का तलाक का कारण बन सकता है।

हिंदू मैरिज एक्ट में तलाक का नया नियम क्या है?

हिंदू शादियों में पहले के समय में यदि कोई तलाक लेना चाहता था। तो उसके लिए सरकार द्वारा बनाए गए नियम के अनुसार उन्हें 6 महीने का इंतजार करना होता था। लेकिन आज के समय में यदि पति-पत्नी आपसे सलाह से तलाक लेना चाहते हैं। तो ऐसी स्थिति में उन्हें 6 महीने का इंतजार नहीं करना पड़ता है। ऐसी स्थिति में यदि पति-पत्नी आपसी सहमति से तलाक लेना चाहते हैं तो उन्हें कम से कम समय में दिया जाता है।

तलाक के बाद बच्चों का अधिकार किसको मिलेगा?

जब भी पति पत्नी के बीच तलाक होता है। और ऐसे मामलों में यदि उनका कोई बच्चा है तो बच्चे की कस्टडी उसकी उम्र के हिसाब से दी जाती है। जैसे- यदि बच्चों की उम्र 5 साल से कम है तो ऐसी स्थिति में बच्चों की कस्टडी उसकी मां को दी जाती है। बच्चों की उम्र 5 से 7 वर्ष के बीच है तो भी ऐसी स्थिति में बच्चों की जिम्मेदारी मां को ही दी जाती है।

और यदि बच्चों की उम्र 7 वर्ष अधिक है ऐसे में यदि बच्चे का इंटरेस्ट पिता की तरफ जाने का है तो ऐसी स्थिति में बच्चों की कस्टडी उसके पिता को दे दी जाती है। अर्थात यदि बच्चे के लिए 7 वर्ष से अधिक है तो उसके इंटरेस्ट के हिसाब से उसकी कस्टडी दी जाती है।

Divorce Related FAQ

हिंदू शादियों के बाद तलाक कितने प्रकार के होते हैं?

हिंदू शादियों के बाद यदि कोई व्यक्ति तलाक लेना चाहता है। तो यह दो प्रकार के होते हैं-
• आपसी सहमति (Mutual Consent)
• एक तरफ तलाक (Unilateral Divorce)

शादी के कितने दिन पश्चात तलाक ले सकते हैं?

शादी के 12 महीने के पश्चात पति-पत्नी तलाक ले सकते हैं। भारतीय कानून में तलाक लेने के लिए जो नियम बनाए गए हैं, उनके अनुसार कोई भी व्यक्ति न्यायालय में शादी के 12 महीने बाद ही याचिका दायर कर सकता है ।

क्या संन्यास लेने पर एक तरफ तलाक लिया जा सकता है?

जी हां! यदि शादी के पश्चात पति या पत्नी में से कोई भी संन्यास लेना चाहता है। तो ऐसी स्थिति में कोर्ट में याचिका दायर कर तलाक ले सकता है। यह एक तरफा तलाक की श्रेणी में आता है। जहां इन दोनों में से किसी एक के सहमति से तलाक दिया जा सकता है।

निष्कर्ष

दोस्तों आज के इस आर्टिकल के माध्यम से हमने आपको तलाक से संबंधित कई महत्वपूर्ण तथ्यों के बारे में बताया। तलाक क्या होता है? तथा तलाक कितने प्रकार के होता है? भारतीय कानून के आधार पर हिंदू तलाक के लिए क्या कानून बनाए गए हैं? और यदि पति पत्नी तलाक लेते हैं, और यदि उनकी कोई संतान है तो ऐसे में उसे बच्चों की कस्टडी किसको दी जाती है?

इन सभी तथ्यों के बारे में हमने आपको बताया। तथा पत्नी और पति के बीच तलाक के क्या-क्या कारण बनते हैं? जिनके वजह से वह प्रथक होने का फैसला लेते हैं? इन सभी तथ्यों के बारे में इस आर्टिकल के माध्यम से हमने आपको बताया। आशा करते हैं इस आर्टिकल में बताई गई जानकारी आपको पसंद आई होगी और पसंद आई हो तो इसे अपने दोस्तों में जरूर शेयर करें।

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