शादी के कितने समय बाद कपल डाइवोर्स ले सकते है?

शादी पवित्र रिश्ता है जो दो लोगों के बीच नहीं बल्कि दो परिवारों के बीच बनता है लेकिन जब पति-पत्नी के बीच सभी तरह के इमोशनल कनेक्शन खत्म हो जाते हैं और उनके बीच बात-बात पर झगड़ा होने लगते हैं तो ऐसी स्थिति में शादी टूटने की स्थिति बन जाती है हालांकि कपल्स को शांति से बैठकर अपने-अपने इशूज़ पर बात करने की कोशिश करनी चाहिए ताकि उनके बीच सभी तरह के गलतफहमियां दूर हो जाएं सके। लेकिन कभी-कभी बात इतनी अधिक बढ़ जाती है कि कपल एक दूसरे की बातों को नहीं समझ पाते है।

और दिन प्रतिदिन झगड़ा बढ़ते चले जाते हैं ऐसी स्थिति में उन्हें लगता है कि अब उनकी शादी और आगे निभाई नहीं जा सकती है। तब कपल अपनी शादीशुदा रिश्ते को खत्म करने के लिए डिवोर्स का सहारा लेते है। अगर आपकी भी शादीशुदा जिंदगी ठीक नहीं चल रही है और आप अपने पार्टनर से अलग होने के लिए डिवोर्स लेना चाहते हैं तो आपके मन में शादी के कितने समय बाद कपल डाइवोर्स ले सकते है? यह प्रश्न जरूर होगा। 

अगर आप भी जानना चाहते हैं की शादी के कितने समय बाद कपल्स डाइवोर्स ले सकते है? तो आपको हमारा यह आर्टिकल अंत तक पढ़ने की आवश्यकता है क्योंकि इस आर्टिकल में हमने डाइवोर्स से संबंधित पूरी जानकारी यहां साझा की है। 

शादी के कितने समय बाद कपल डाइवोर्स ले सकते है?

हमारे बीच बहुत सारे ऐसे लोग हैं जो अपनी शादीशुदा जिंदगी से खुश नहीं है और आए दिन उनके अपने पार्टनर के साथ लड़ाई झगड़े होते रहते हैं जिसकी वजह से उनका जीवन परेशानियों के साथ व्यतीत हो रहा है और अब वह अपनी इस परेशानी को दूर करने के लिए डाइवोर्स लेना चाहते हैं।

लेकिन अधिकांश लोगों को शादी के कितने समय बाद कपल डाइवोर्स ले सकते है? तो हम आपको बता दें कि भारत में दोनों पार्टनर्स यानी पति-पत्नी को अपने मर्जी से एक दूसरे से डाइवोर्स लेने की अनुमति प्रदान है जिसमें लगभग 12 महीने का समय लगता है अर्थात शादी के 12 महीना के बाद कपल डाइवोर्स ले सकते है।

डाइवोर्स लेने के तरीके

हमारे भारत देश में शादीशुदा कपल को मुख्य दो तरीके से डाइवोर्स लेने का अधिकार प्राप्त है जिसमें पहले आपसी सहमति, इस तरीके में पति और पत्नी अपनी मर्जी से एक दूसरे से डाइवोर्स ले सकते है और दूसरा कंटेस्टेड डाइवोर्स, जिसके अंतर्गत कपल में से एक पार्टनर को साबित करना पड़ता है कि वह अपने पार्टनर के साथ रहने के लिए सेफ नहीं है और वह अपने आगे की जिंदगी अपने पार्टनर के साथ नहीं बिता सकता है। 

इन दोनों ही तरीकों से डाइवोर्स लेने के लिए कपल्स को सबसे पहले कोर्ट से पिटीशन फाइल बनवानी होती है इसके बाद कोर्ट के द्वारा आगे की प्रोसेसिंग की जाती है और सभी सबूत को ध्यान में रखते हुए डाइवोर्स की डिक्री प्रदान की जाती है लेकिन इसके लिए भी दोनों पार्टनर्स को कोर्ट के द्वारा निर्धारित कई नियमों को पूरा करना पड़ता है। शादी के बाद तलाक लेने के लिए पार्टनर्स को कौन-कौन सी शर्तें पूरे करनी पड़ती हैं इसके संबंध में नीचे बताया जा रहा है-

एक साल तक अलग रहना

शादीशुदा पति और पत्नी को एक दूसरे से तलाक यानी डाइवोर्स लेने के लिए कम से कम 12 महीने तक एक दूसरे से अलग रहना पड़ता है, जिसमें वह शारीरिक और मानसिक रूप से एक दूसरे से अलग रहते है अर्थात दोनों कपल्स के बीच किसी भी तरह का कांटेक्ट नहीं रहता है हालांकि ज्यादातर मामलों में लोग अलग होने के कुछ समय पश्चात ही कोर्ट में डाइवोर्स की प्रोसीडिंग्स शुरू कर देते है किंतु एक साल से पहले कोर्ट के द्वारा डाइवोर्स की डिक्री जारी नहीं की जाती है।

इसका प्रमुख कारण यह है कि अगर शादीशुदा कपल 12 महीने तक एक दूसरे से अलग रहते हैं तो कोर्ट यह मान लेती है कि अब दोनों पार्टनर एक साथ नहीं रहना चाहते और उनका विवाहित जीवन आगे नहीं बढ़ सकता है इसके बाद कोर्ट के द्वारा दोनों पार्टनर की आपसी सहमति के बाद डाइवोर्स दे दिया जाता है। इस प्रक्रिया में कपल आसानी से एक दूसरे से डिवोर्स ले सकते हैं और इसमें अधिक पुरुष की भी जरूरत नहीं पड़ती क्योंकि कोर्ट के द्वारा आपसी सहमति के आधार पर शादीशुदा कपल को डाइवोर्स दिया जाता है।

वैलिड रीज़न से अलग होना

यदि किसी व्यक्ति की शादी टूटने का कोई वैलिड रीजन है तो कोर्ट के द्वारा 12 महीने से पहले ही कपल्स का डाइवोर्स अप्रूव कर दिया जाता है। उदाहरण के लिएअडल्ट्री, भावनात्मक या शारीरिक हिंसा और क्रूरता, पार्टनर की मानसिक हालत सही न होना आदि मामलों में कोर्ट दोनों पार्टनर को 12 महीने पूरे होने से पहले ही कंटेस्टेड डाइवोर्स लेने की अनुमति प्रदान कर देता है। 

लेकिन इस तरीके में कंटेस्टेड डाइवोर्स फाइल करने वाले पार्टनर कोर्ट की सामने सिद्ध करना होगा कि वह अपने पार्टनर के साथ रहने में सेफ नहीं है, साथ ही साथ उसे अपने पार्टनर के शारीरिक, मानसिक या भावनात्मक रूप से असुरक्षित साबित करने के लिए विभिन्न प्रकार के सबूत भी पेश करने पड़ते हैं। 

शादी के कितने समय बाद कपल डाइवोर्स ले सकते है? Related FAQs 

डाइवोर्स लेने की आवश्यकता कब पड़ती है?

जब शादीशुदा कपल के बीच सभी तरह के इमोशनल कनेक्शन खत्म हो जाते हैं और वह हर बात को लेकर आपस में झगड़ते रखते रहते है और एक समय  बाद  उन्हें लगता है कि वह अपनी शादी को और अधिक नहीं निभा सकते हैं तो ऐसी स्थिति में उन्हें डाइवोर्स लेने की आवश्यकता पड़ती है.

डाइवोर्स लिया जाता है?

भारत में डाइवोर्स मुख्य रूप से दो तरीकों से लिया जा सकता है, पहला आपसी सहमति से और दूसरा कंटेस्टेड डाइवोर्स जिसकी पूरी जानकारी ऊपर विस्तृत रूप में उपलब्ध कराई गई है।

शादी के कितने समय बाद कपल डाइवोर्स ले सकते है?

शादी के 12 महीना के बाद कपल अपनी शादी को खत्म करने के लिए डाइवोर्स ले सकते हैं जिसके लिए उन्हें कोर्ट में याचिका जारी करनी होगी और डाइवोर्स लेने के पूरे मामले की जानकारी देनी होगी।

डाइवोर्स लेने के लिए कपल को कितने समय तक एक दूसरे से अलग रहना पड़ता है?

डाइवोर्स लेने के लिए कपल को एक दूसरे से कम से कम 12 महीने अलग रहना पड़ता है जिसके बाद ही कोर्ट के द्वारा स्वीकार किया जाता है कि शादी टूट चुकी है और फिर कोर्ट के द्वारा डाइवोर्स की डिक्री जारी की जाती है।

क्या 12 महीने से पहले डाइवोर्स ले सकते है?

जी हां, कपल अपनी शादी तोड़ने के लिए 12 महीने से पहले कंटेस्टेड डाइवोर्स ले सकते हैं लेकिन इसके लिए अपने कोर्ट में सिद्ध करना होगा कि वह अपने पार्टनर के साथ सेफ नहीं रह सकते हैं और उन्हें कई तरह के सबूत भी उपलब्ध कराने पड़ेंगे।

निष्कर्ष 

आज के हमारे इस आर्टिकल में दी गई जानकारी को पढ़कर आप समझ चुके होंगे कि शादी के कितने समय बाद कपल डाइवोर्स ले सकते है? हम उम्मीद करते हैं कि आपको इस लेख में बताई गई जानकारी पसंद आई होगी। अगर आपको हमारे द्वारा इस आर्टिकल अच्छा लगा हो तो आपसे अनुरोध है कि आप हमारे इस आर्टिकल को अपने सभी दोस्तों के साथ शेयर जरूर करें।

अगर आपके मन में हमारे इस लेख में बताइए जानकारी से संबंधित कोई प्रश्न है तो आप अपने प्रश्नों को नीचे दिए गए कमेंट सेक्शन में लिखकर हमसे पूछ सकते है। हम आपके द्वारा पूछे गए हर एक प्रश्न का उत्तर कमेंट के माध्यम से प्रदान करेंगे तब तक आप हमारी वेबसाइट के साथ बने रहिए।

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