SEO क्या है, SEO In Hindi, SEO कैसे करे?

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SEO क्या है, SEO In Hindi, SEO कैसे करे और गूगल मे वेबसाइट को रैंक कैसे कराए आदि सभी सवाल आप search engines (Google, Yahoo, Bing आदि) पर ज़रूर सर्च करते होंगे तो स्वागत है आप सभी का BasGuide.Com में।

लेकिन क्या आप अब तक पूरी तरह से Search Engine Optimization करना सीख गए हो? या फिर आपको अपनी वेबसाइट को हाई रैंक कराना आ गया है? क्या आपको SEO आती है?

यह सभी सवाल आप से मे पूछता हू क्योकि आज हिंदी ब्लॉगर्स इस ही वजह से पीछे है क्योकि उन पर सही तरीके से Search Engine Optimization करनी नहीं आती है।

मैंने बहुत सारी हिंदी वेबसाइट्स को देखा है और वह बहुत बढ़िया content भी डाला करते है अपनी वेबसाइट पर लेकिन उन्हे ट्रेफिक बिल्कुल भी नहीं मिला करता है क्योकि वह प्रोपर SEO नहीं करते हैं।

मैंने बहुत से हिंदी इंडस्ट्री के बड़े – बड़े ब्लॉगर्स को देखा है जो कि यह कहते हैं कि search engine optimization कुछ भी नहीं बल्कि यह सिर्फ बड़े – बड़े ब्लॉगर्स की चाल है।

तो अगर आपका भी कुछ ऐसा ही मानना है तो आप बिल्कुल गलत हो क्योकि बिना SEO के आप कभी भी किसी वेबसाइट को हाई रैंक नहीं करा सकते हैं।

यह बात अलग है कि कुछ Keywords पर ऐसा हो जाता है कि आप बिना प्रोपर SEO किए search engine में सबसे ऊपर रैंक कर जाते हो।

ऐसा इस वजह से होता है कि उस keywords पर जिस पर आप पोस्ट लिखते हो उसका कॉम्पिटिशन न के बराबर होता है।

या फिर कॉम्पिटिशन बहुत ज़्यादा हाई भी हो और फिर भी आपकी वेबसाइट सबसे ऊपर आ जाए।

तो ऐसा इस वजह से होता है कि आपके विजिटर्स उस पोस्ट से बहुत ज़्यादा इंप्रेस हो जाते हैं और आपका Bounce Rate कम हो जाता है, आपको वह सोशल सिग्नल दे देते हैं और कोई वेबसाइट आपको इसके बदले में backlinks भी दे देती है।

लेकिन बिना search engine optimization किए आप के रैंक करने के चांस बहुत ज़्यादा कम हो जाते हैं तो हमेशा रैंक कराने के लिए आपको प्रोपर तरीके से SEO करनी आनी चाहिए तभी जाकर आपको हाई रैंक मिलेगी।

आपको बता देना चाहता हूं कि Google जब किसी वेबसाइट को हाई रैंक देता है तो वह अपने बहुत सारे अलग अलग रैंकिंग factor का इस्तेमाल करता है और तब जाकर किसी वेबसाइट को हाई रैंक मिलती है।

अगर आपको Google के सभी रैंकिंग factor का पता करना है तो आप यह पोस्ट पढे जिसमे Brian Dean ने Google के 200 Ranking Factor के बारे मे बताया है।

तो चलिए शुरू करते हैं और जान लेते है SEO के बारे में।

(नोट: मे आपको suggest करूंगा कि आप किसी जगह पर बैठ या पड़ जाए और इस आर्टिकल को पूरे ध्यान के साथ पढे क्योकि अगर आप ने इसे ध्यान लगाकर नहीं पढ़ा तो आप search engine optimization करना नहीं सीख पायेगे)

SEO क्या है?

SEO का पूरा नाम search engine optimization है और यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसकी मदद से हम अपने किसी पेज या पूरी वेबसाइट को search engines के लिए optimize कर सकते हैं।

जब आप इसे optimize करेंगे तो बिना किसी प्रॉब्लम के आप अपने किसी भी पेज को SERP (search engine page rank) में ऊंचा स्थान दिला सकते हैं।

और फिर जब आपको यूजर्स मिलने शुरू हो जाएंगे तो आप उन से कमाई कर सकते हो।

अब मुझे उम्मीद है कि आप को पता चल गया होगा कि SEO क्या है।

तो अब हम जान लेते हैं कि SEO कैसे करे और search engine मे अपनी वेबसाइट को हाई रैंक कैसे दिलाए।

SEO कैसे करे और अपनी वेबसाइट को search engine में हाई रैंक कैसे दिलाए?

Search engine optimization मे जो चीज़ सबसे ज़्यादा महत्वपूर्ण होती है और पूरी SEO को complete करती है वह 2 चीज़े होती है।

1. On-Page SEO

2. Off-Page SEO

इन दोनों की मदद से पूरी की पूरी search engine optimization की process complete होती है।

यही दोनों ऐसे factor जिसमे यह SEO काम किया करती है और अब हम जाने गे कि On-Page SEO और Off-Page SEO मे क्या फर्क है।

On-Page SEO और Off-Page SEO मे क्या अन्तर है।

तो सबसे पहले हम On Page Optimization के बारे में जान लेते हैं।

On-Page

जैसा कि आप इसके नाम On-Page से ही समझ गए होगे कि इसमे क्या आता है और अगर नहीं समझे है तो मे आपको बता देता हू।

इसके अन्दर वह चीज़े आती है जो कि वेबसाइट के किसी पेज मे होती है जैसे कि title tag, meta description, images, content length आदि।

तो अब हम उन सभी चीज़ों की पूरी लिस्ट देख लेते हैं।

  • Title Tag
  • Meta Description
  • URL
  • Headings
  • Multi-Media
  • Design
  • Internal Links
  • External Links
  • Website Speed
  • Content Length
  • Social Button
  • Https Security

जो भी चीज़ हम किसी पेज के अंदर आती है वह On-Page मे आया करती है।

उम्मीद है कि आपको अब On-Page के बारे में भी पता चल गया होगा तो अब जान लेते हैं Off-Page के बारे में।

 Off-Page

जैसा कि आप जानते हैं कि On-Page में सब कुछ अंदर की चीज़े आती है और अब Off-Page में इसका उल्टा यानी कि बाहर की चीज़े आती है।

इसमे आता है Backlinks बनाना, Social Signals, Users Experience, Bounce Rate आदि बहुत से factors.

तो अब हम उन सभी चीज़ों की पूरी लिस्ट देख लेते हैं।

  • Links Building
  • Social Signal
  • User Experience

अब मुझे पूरी उम्मीद है कि आप समझ गए हो कि On-Page और Off-Page में क्या फर्क है और कोन सी चीज़े इसके अन्दर आती है।

तो चलिए अब इन दोनों को कैसे optimized करना है उसकी पूरी process जान लेते हैं।

On-Page SEO Optimization कैसे करे?

यह सवाल बहुत ही बढ़िया है और जिस वेबसाइट की On-Page बहुत बढ़िया है तो वह बहुत ही असानी के साथ हाई रैंक कर सकती है।

1. Title Tag

सबसे पहले जो चीज़ आती है वह होती है Title Tag और इसकी मदद से ही हमारी वेबसाइट हाई रैंक करती है।

जब आप किसी पोस्ट का टाइटल लिखे तो उसकी length आपको 50 – 60 charecter के बीच मे रखनी है।

ध्यान रखिए हम ने charecter को कहा है न कि words को और जब आप अपना title लिखे तो उसमे हमेशा अपना main या focus keyword ज़रूर डाले।

अगर संभव हो तो अपने फोकस Keyword को आप शुरू में ही इस्तेमाल कर दे क्योकि इसकी मदद से पोस्ट के रैंक होने के चांस और भी बढ़ जाते हैं।

हमेशा यह बात ध्यान मे रखे की जो length आपके टाइटल की हो वह 50 से 60 के बीच मे हो।

न तो 50 charecter से कम होनी चाहिए और न ही 60 charecter से ज़्यादा होनी चाहिए।

2. Meta Description

Meta Description भी एक बहुत ही खास चीज़ होती है वेबसाइट को रैंक कराने के लिए और इसका optimize होना बहुत ही ज़्यादा ज़रूरी है।

इसकी जो लेंथ आपको रखनी है वह 160 charecter से ऊपर होनी चाहिए और ज़्यादा से ज़्यादा आप 320 charecter का इस्तेमाल कर सकते हो।

लेकिन मे आपको suggest करना चाहता हूं कि आप सिर्फ 160 से 170 charecter ही इस्तेमाल करे क्योकि इससे आर्टिकल के feature article मे शो होने के चांस बहुत ज़्यादा बढ़ जाते हैं।

इसके अलावा अपना मैन Keyword भी इसमे ज़रूर डाले और उस से मिलते जुलते keywords भी क्योकि इस से दूसरे keywords पर भी रैंक होने के चांस बहुत ज़्यादा बढ़ जाते हैं। अगर संभव हो तो अपने मैन keyword का इस्तेमाल description मे ज़्यादा से ज़्यादा करे।

इसकी मदद से ही आपकी वेबसाइट सर्च में आया करती है और इसका प्रूफ नीचे फोटो में है।

Meta Description
Meta Description

इस फोटो मे देखिए जिसमे हम ने एक Keyword को सर्च किया है और इसमे जो वेबसाइट सबसे ऊपर आई है उसमे meta description का भी बहुत बड़ा रोल है क्योकि इसमे वह फोकस Keyword भी है।

3. URL

URL को optimize करना भी बहुत ज़्यादा ज़रूरी है क्योंकि इसमे आपको बहुत ज़्यादा फायदा होने वाला है।

किसी भी keyword को जब आप search engine मे सर्च करते हो और उसके बाद जो रिज़ल्ट शो होते हैं उसमे भी सभी के URL में उनका फोकस Keyword ज़रूर शामिल होता है।

उदहारण के लिए आप नीचे दिया गया इमेज देख सकते हो।

URL
URL

तो अब जान लेते हैं कि इसे पूरी तरह से optimize कैसे करे।

उदहारण: Example.com/page=about/

यह ऊपर एक उदाहरण है और अगर आपके URL भी कुछ इस तरह का ही दिखता है तो यह आपकी वेबसाइट के लिए सही नहीं है।

क्योकि यह एक खराब URL है और पूरी तरह से optimize नहीं किया गया है।

तो फिर अब हम पूरी तरह से optimize URL को देखते हैं।

उदहारण: Example.com/about/ या Example.com/2018/04/about/

यह दोनों URL बिल्कुल optimize URL है और आप इन दोनों में से कोई सा भी URL इस्तेमाल कर सकते हो।

लेकिन मे आपको suggest करूंगा कि आप ऊपर दिए गए URL मे पहले वाला सिलेक्ट करे।

(Note: अगर आप ने पहले से कोई वेबसाइट चला रखी है और उस पर काफी सारे आर्टिकल है तो आप अपना URL न बदले क्योकि इस से आपके विजिटर्स को 404 Error शो होगा जो कि SEO के लिए सही नहीं है और अगर आप ने इसे बदलने का मन ही बना लिया है तो अपने पुराने URL को नए URL पर redirect ज़रूर कर दे।)

4. Headings

यह भी एक महत्वपूर्ण स्टेप है क्योकि heading की मदद से ही search engine और आपके रीडर्स को इसका पता चलता है।

Heading का इस्तेमाल ज़रूर करे और अब हम इसके बारे में जान लेते हैं कि Heading कितने तरीके की होती है।

Heading Types

  • H1
  • H2
  • H3
  • H4
  • H5
  • H6

यह 6 तरीके की heading होती है।

अगर आप कोई मैन चीज़ बता रहे हो तो आप Heading 2 का इस्तेमाल करे।

और फिर आपको कोई और मैन चीज़ बतानी है और वह H2 heading के keyword से ही रिलेटिड है तो फिर आप H3 Heading का इस्तेमाल करे।

इस लिए आपको heading का इस्तेमाल करना ज़रूर आना चाहिए और अगर आपको इसका इस्तेमाल करना नहीं आता है और आपको heading डालनी है तो आप उस condition में हर जगह पर H2 Heading का इस्तेमाल कर सकते हो।

5. Multimedia

जी हां Multimedia भी आर्टिकल रैंक कराने मे बहुत ज़्यादा मदद करती है और इससे आपके ब्लॉग का डिज़ाइन भी बहुत बढ़िया लगता है।

इसकी मदद से आपके content के feature snippet मे दिखने के चांस बहुत ज़्यादा बढ़ जाते हैं।

Multimedia मे जो चीज़े आती है वह यह है।

  • Images
  • Videos
  • Audios
  • Infographics
  • आदि

एक स्टडी के मुताबिक पता चला है कि अगर आप कोई इमेज का इस्तेमाल अपने आर्टिकल मे करते हो तो आपकी 300 वर्ड की पोस्ट बढ़ जाती है।

यानी कि एक इमेज 300 words के बराबर होता है तो अब आप सोच सकते हैं कि यह आपके लिए कितना ज़्यादा फायदेमंद होने वाला है।

आप चाहिए कैसा भी आर्टिकल क्यों न लिखे उसमे कम से कम एक फोटो ज़रूरी लगाए।

Multimedia को optimize करने के लिए उसके टाइटल में पोस्ट का मैन keyword डाले और Caption में उस इमेज के बारे में लिखे।

इसके अलावा ALT टेक्स्ट को कभी खाली मत जाने दे और उसके अंदर भी अपना फोकस Keyword ज़रूर डाले।

ALT Text की मदद से ही सभी सर्च इंजन हमारी पोस्ट के इमेज को पढ़ पाते हैं और अगर आप ALT Text मे अपना keyword नहीं डालोगे तो वह photo कभी रैंक नहीं कर पाएगा।

और जब फोटो रैंक नहीं होगा तो इसकी वजह से आपको ट्रेफिक भी कम मिलेगा।

6. Design

आपकी वेबसाइट का डिज़ाइन SEO optimize ज़रूर होना ही चाहिए क्योकि इसकी मदद से ही आपको गूगल sitelinks देता है।

इसको optimize करना कोई ज़्यादा मुश्किल काम नहीं है क्योकि यह बहुत ही जल्द optimize हो जाता है।

सबसे पहले इसे optimize करने के लिए आप कोई बढ़िया सा theme लगाए और अगर मे सबसे बढ़िया SEO friendly थीम की बात करू तो इस मे सबसे ऊपर Genesis की थीम आती है।

Genesis की सभी थीम बहुत ज़्यादा SEO optimize है और यह Responsive भी है जिसकी मदद से आपकी वेबसाइट सभी जगह पर्फेक्ट खुलती हैं।

इसके अलावा भी बहुत सी कंपनी है जो कि अच्छी themes देती है और उनमे आती है ThemeForest की themes.

जब आप अच्छा सा थीम लगा लो तो उसमे अपनी वेबसाइट का logo लगाओ और header और footer दोनों मे Menu लगाओ।

इसके बाद वह सब चीज़ें लगाओ जो कि आपके यूजर्स को चाहिए।

7. Internal Links और Enternal Links

सबसे पहले हम बात कर लेते हैं कि Internal और External Links मे क्या अन्तर है?

Internal Links उन लिंक को कहते है जो कि सेम वेबसाइट के दूसरे पेज से अटैच होते है यानी कि उस ही वेबसाइट के दूसरे पेज पर ट्रान्सफर करते हैं।

External Links वह लिंक होते है जो कि एक वेबसाइट से किसी दूसरी वेबसाइट के पेज पर आपको ले जाते हैं।

यह दोनों links को optimize करना भी बहुत ज़्यादा ज़रूरी है क्योकि अगर आप कोई बिना वर्ड वाला लिंक डालते हो तो यह आपकी वेबसाइट के लिए सही नहीं है।

अगर आपको links डालने है और उन्हे optimize bhi करने है तो आप हमेशा उसमे Anchor Text ज़रूर डाले।

8. Website Speed

यह भी एक बहुत बड़ा रैंकिंग factor हो गया है क्योकि अब जब गूगल ने अपना latest अपडेट निकाला था तो उन्होने कहा था कि वह Fast वेबसाइट को पसंद करते हैं।

इसका सीधा सा मतलब यह है कि search engine अब fast वेबसाइट को पसंद करने लगे हैं और जो वेबसाइट slow ओपन होती है उनकी SERP मे से रैंक कम होती जा रही है।

अगर आपकी वेबसाइट भी बहुत ज़्यादा समय लगा रही है खुलने में तो आपको सतर्क हो जाना चाहिए और अभी अपनी वेबसाइट को optimize करना चाहिये।

अगर आपकी वेबसाइट खुलने में 3 सेकंड से ज़्यादा का समय लेती है तो उसे अभी optimize किजिये क्योकि आपके 33% से ज़्यादा विजिटर्स आपकी वेबसाइट पर नहीं आ पा रहे हैं।

वेबसाइट की स्पीड को optimize करने के लिए आप in चीज़ों का इस्तेमाल करे।

  • W3 Total Cache Plugin (Caching करने के लिए)
  • Smush Plugin (फोटो optimize करने के लिए)
  • CDN (वेबसाइट को जल्दी खुलने के लिए)

9. Content Length

अगर आप कोई छोटा भी आर्टिकल ज़रूर लिखे तो हमेशा 300+ words का ज़रूर होना चाहिए।

इसके अलावा अगर आपको ऊपर रैंक करना है तो आप 1000 se 1500 words का आर्टिकल लिखे और अगर आप English भाषा मे लिखते हैं तो फिर आपको 1500+ word का आर्टिकल लिखना चाहिये।

हम यही कहना चाहते हैं कि जितना ज़्यादा बड़ा करके आप कोई आर्टिकल लिख सकते हैं उसे उतना ज़्यादा बड़ा करके लिखे।

Content Word On Ranking
Credit: Backlinko.com

आप इस फोटो में देख सकते हो कि कितने वर्ड का आर्टिकल कोन सी रैंक पर शो होता है Google के अंदर।

10. Social Button

अगर आप सोशल मीडिया के शेयर बटन अपनी पोस्ट मे लगाते हैं तो आपको इस से बहुत ज़्यादा फायदा होने वाला है क्योकि इसकी मदद से आपके यूजर्स आपकी पोस्ट को शेयर करते हैं।

जब वह आपकी पोस्ट को शेयर करेंगे तो इसकी मदद से आपको social signal मिलेंगे जो कि किसी वेबसाइट की रैंक बढ़ाने मे बहुत ज़्यादा मदद गार होते हैं।

11. Https Security

आपने देखा होगा कि बहुत सी वेबसाइट https की सिक्यूरिटी का इस्तेमाल नहीं करती है और यह उनके लिए बिल्कुल सही नहीं है।

अभी हाल ही में Google ने कहा था कि वह अब वेबसाइट में https की सिक्यूरिटी को देखना चाहते हैं और यह एक रैंकिंग factor भी है।

इस बात से उम्मीद है कि आप समझ गए होगे कि https की सिक्यूरिटी आपके लिए कितनी ज़्यादा important है।

अगर आप को यह सर्टिफिकेट लेना है तो आप Godaddy से या फिर किसी और वेबसाइट से SSL सर्टिफिकेट खरीद सकते हो।

लेकिन अगर आप अपने पैसे खर्च नहीं करना चाहते हो तो आप Cloudflare का फ्री SSL इस्तेमाल कर के इस सिक्यूरिटी को अपनी वेबसाइट में लगा सकते हैं।

वैसे तो On-Page SEO मे बहुत सारे रैंकिंग factor आते हैं लेकिन अगर आप ऊपर दिए गए 11 factors को पूरा करते हैं तो आपकी वेबसाइट की On-Page SEO पूरी तरह से optimize हो जायेगे।

अब समय आ गया है कि हम अब Off-Page SEO को करना सीख जाए तो चलिए शुरू करते हैं।

Off-Page SEO कैसे Optimize करे।

Off-Page SEO करने से आपकी वेबसाइट की Domain Authority, Page Authority, Google Rank आदि बढ़ती है।

जो कि हमारी वेबसाइट के लिए बहुत ज़्यादा ज़रूरी है।

1. Link Building

यह Off-Page SEO का सबसे महत्वपूर्ण चीज़ है और लगभग 80% Off-Page SEO इस ही में खत्म हो जाती है।

Link Building का मतलब है Backlinks बनाना और आपको मे कुछ ऐसे तरीके बताने वाला हू जिनकी मदद से आप पूरी तरह से Backlinks बना सकते हो।

जो सबसे सिंपल और आसान तरीके है वह हम अब जान लेते हैं।

Comment के ज़रिए

यह एक बहुत ही आसान तरीका है backlink बनाने का और इसके लिए आप सबसे पहले अपने से सम्बंधित किसी वेबसाइट पर जाए और उसमे कुछ अच्छा सा comment लिखे और Website के कॉलम में अपनी वेबसाइट का लिंक डाल दे।

(नोट: आप अपने Name के कॉलम में अपना नाम ही डाले क्योकि इसके वजह से आप के कमेंट  पब्लिश होने के चांस बढ़ जाते हैं।)

Guest Post की मदद से

आप guest post की मदद से भी बड़ी ही आसानी से dofollow backlink बना सकते हैं।

और इसकी मदद से आपकी सर्च इंजिन में रैंक भी बढ़ती है।

जब आप guest post करे तो वह ब्लॉग या वेबसाइट आपकी वेबसाइट से ही मिलती जुलती हुयी होनी चाहिए।

Forum से Backlinks बनाना

आप किसी बड़े – बड़े forums में भी जाकर Backlinks बना सकते हो और अपनी रैंक बढ़ा सकते हो।

आपको बस फ़ोरम में जॉइन होना है और वहा पर अपनी वेबसाइट की पोस्ट से रिलेटिड सवाल ढूंढ कर उसमे अपनी वेबसाइट की उस पोस्ट का लिंक डाल दे।

इसके बाद आपको वहा से ट्रेफिक भी मिलेगा और Backlinks भी।

इसके अलावा आप बहुत से और तरीकों से भी Backlinks बना सकते हो।

  • Social Bookmarking
  • Profile Backlinks
  • Web 2.0
  • Wiki

2. Social Signal

आपको अपनी वेबसाइट के लिए Social Signal को लेना चाहिए।

Social Signal को लेना बहुत ही आसान है इसके लिए सिर्फ आपके यूजर्स को आपकी वेबसाइट की किसी पोस्ट या पेज को सोशल मीडिया पर शेयर करना है और जितनी ज़्यादा आपकी वेबसाइट की कोई पोस्ट शेयर होगी उतने ज़्यादा आपको social signal मिलेंगे।

तो अब आप ऐसे आर्टिकल डाले की आपके विजिटर्स को आपकी उस पोस्ट को ज़रूर सोशल मीडिया पर शेयर करना पड़े।

या इसके अलावा भी आप अपने विजिटर्स से विनती कर सकते हैं कि वह आपके आर्टिकल को सोशल मीडिया पर शेयर करे।

3. User Experience

अब search engine पहले के मुकाबले और भी ज़्यादा स्मार्ट हो गए हैं और अब User Experience को सुधारना भी बहुत ज़्यादा ज़रूरी हो गया है क्योकि यह भी अब एक रैंकिंग factor बन चुका है।

तो चलिए अब जान लेते हैं कि इसके अन्दर क्या चीज़े आती है और उन्हे कैसे optimize किया जा सकता है।

Bounce Rate

सबसे ज़्यादा मैन चीज़ जो किसी भी वेबसाइट के लिए होती है वह है उसका Bounce Rate और यह भी एक बहुत ही बड़ा रैंकिंग factor भी है।

अगर आपकी वेबसाइट का Bounce Rate 60% से कम है तो यह आपको लिए बहुत ज़्यादा फायदेमंद है और अगर 60% से यह ऊपर चला जाता है तो फिर आपको इसे optimize करने की बहुत ज़्यादा ज़रूरत है।

अगर आपकी वेबसाइट पर कोई user काफी समय तक रहता है तो यह आपका Bounce Rate कम होना शुरू हो जाता है और अगर वह कम समय तक आपकी वेबसाइट पर रुकते हैं तो फिर यह बढ़ना शुरू हो जाता है।

कोशिश यह करे कि आपकी वेबसाइट पर विजिटर्स ज़्यादा से ज़्यादा देर तक रुके रहे और अगर आपको भी अपना Bounce Rate देखना है तो आप Google Analytics मे देख सकते हो।

Website पर User ने कितना समय गुजारा है

एक केस स्टडी के मुताबिक, अगर यूजर्स आपकी वेबसाइट पर 3 मिनट से ज्यादा समय गुजार ते है तो धीरे धीरे आपकी वेबसाइट की रैंक सर्च इंजन में बढ़ने लगती है।

लेकिन अगर इस से कम समय गुजार ते है तो फिर आपकी वेबसाइट पर इसका बिल्कुल भी फर्क नहीं पड़ता है और आपकी रैंक नहीं बढ़ती है।

तो अब आप इसे optimize करे और अपने विजिटर्स को मज़बूर कर दे कि वह आपकी वेबसाइट पर ज़्यादा से ज़्यादा समय के लिए रुके।

इसके लिए हम आपको कुछ अच्छे उपाए बता देते हैं।

  • पोस्ट को ज़्यादा लम्बा कर के लिखे
  • बीच – बीच में Internal Links का इस्तेमाल ज़रूर करे।
  • Infographics का इस्तेमाल किया करे।

यह तीनो स्टेप्स को उठाने से आपके विजिटर्स ज़्यादा समय के लिए आपकी वेबसाइट पर रुकेंगे।

वेबसाइट को क्लीन और सुंदर बनाए

आपको अपनी वेबसाइट को बिल्कुल साफ सूत्री और सुंदर बनाकर रखनी है।

इसकी वजह से विजिटर्स को आपकी वेबसाइट पर आना बहुत अच्छा लगता है और वह आपके परमानेन्ट रीडर्स बन जाते हैं।

इसकी वजह से आपका यूजर्स experience बढ़िया हो जाता है।

आपको इसे optimize करने के लिए सिर्फ एक अच्छी सी थीम की ज़रूरत होगी और यह आपका सारा काम कर देगी।

अपने विजिटर्स से उनकी राय ले

अपने विजिटर्स की राय भी ज़रूर लेनी चाहिए और इसके लिए या तो आप उन से सर्वे करा सकते हो या फिर कोई फ़ोरम भरवा सकते हो।

ऐसा करने से आपको अपनी वेबसाइट की कमी के बारे में पता चल जाएगा और फिर उसे आप सुधार सकते हो और इसकी वजह से यूजर्स आपको वह चीज़ें भी बता देंगे जो वह आपकी वेबसाइट से लेना चाहते हैं।

इन चारो तरीकों से आप बहुत ही असानी से अपनी वेबसाइट का User Experience बढ़िया कर सकते हो।

अब मुझे पूरी उम्मीद है कि आप को On-Page SEO और Off-Page SEO के बारे में पता चल गया होगा।

तो अब हम बात कर लेते हैं कि Seo किस तरह से की जाती है यानी कि SEO करने के कितने तरीके है।

SEO कितने तरीके से की जाती है?

जैसा कि आप सभी जानते ही हो कि हमेशा हमारे पास 2 ही रास्ते होते हैं एक होता है सही रास्ता और दूसरा होता है खराब रास्ता।

ऐसा कि सेम fact SEO मे भी है क्योकि यहाँ पर भी दो ही रास्ते हुआ करते हैं।

1. White Hat SEO

2. Black Hat SEO

जो इसमे White Hat SEO है वह तो बिल्कुल सही रास्ता है और जो Black Hat SEO है वह एक दम खराब यानी कि illegal रास्ता है।

तो चलिए जान लेते हैं in दोनों SEO के रास्ते के बारे में।

White Hat SEO के बारे में

इसके अन्दर आप जो अपनी वेबसाइट की SEO करते हो वह पूरी तरह से लीगल होती है और इसके अन्दर जो process आती है वह Guest Post के ज़रिए backlinks बनाना, Expire Link के ज़रिए backlinks बनाना, खुद कमेंट कर के backlink बनाना आदि।

Black Hat SEO के बारे में

यह एक illegal process होती है और जो चीज़े इसके अन्दर आती है वह है किसी से backlinks खरीदना, बिना किसी की इज़ाज़त से backlinks बनाना आदि।

अब यहा पर आकर पूरी की पूरी SEO खत्म होती है और अगर आप इस आर्टिकल में दी गयी पूरी जानकारी को फॉलो करते हो तो बहुत ही आसानी के साथ आप अपनी वेबसाइट की प्रोपर SEO कर सकते हो और गूगल या किसी दूसरे सर्च इंजन में हाई रैंक करा सकते हो।

मेरे दोस्तो मुझे इस आर्टिकल को लिखने में पूरे चार दिन लगे हैं और तब जाकर यह आर्टिकल लिखा गया है तो अब मेरी आप सभी से एक request है कि आप इसे एक बार सोशल मीडिया पर शेयर ज़रूर कर दे।

क्योकि क्या पता इस आर्टिकल की वजह से किस किस का फायदा हो जाए और हमारी SEO की पोस्ट पढने के लिए आपका बहुत – बहुत शुक्रिया।

हम आशा करते हैं कि आपको यह आर्टिकल पसंद आया होगा और आपको इस से बहुत ज़्यादा मदद मिली होगी और अगर आपका कोई सवाल है या फिर आप हमे कोई सुझाव देना चाहते हो तो नीचे कमेंट बॉक्स मे दे सकते हो।

24 COMMENTS

  1. I don’t understand how google ranks a post. I have a post in the first place of google search results. Now another website came first place. I saw the details of that website. It has low rank than me. It has no backlinks like me. But how it appear in the first place ?

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