अंतरजातीय विवाह करने के लाभ व नुकसान

|| अंतरजातीय विवाह क्या है? इसके लाभ और नुकसान | अंतरजातीय विवाह के फायदे | advantages of inter caste marriage | अंतरजातीय विवाह के नुकसान | disadvantages of interracial marriage | अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन राशि | Inter Caste Marriage Incentive Fund | Inter Caste Marriage In hindi ||

आज के दौर में अधिकतर युवा लव मैरिज कर रहे हैं लेकिन ज्यादातर मामलों में दोनों पाटनर की जाति और धर्म अलग अलग होता है हालांकि कहा जाता है कि प्यार में जाति, धर्म और पैसा नहीं देखा जाता है किंतु प्रेमी जोड़ों के परिवार सहित रिश्तेदार इन बातों को नहीं मानते हैं बल्कि वह सभी जातिगत भावनाओं को अधिक महत्व देते है। 

आज से ही नहीं बल्कि बहुत सालों से ही हमारे भारत देश में जाति को लेकर भेदभाव चला आ रहा है। इस धारणा के चलते कई लोग ऐसा मानते हैं कि यदि उनके बच्चों की शादी किसी दूसरे धर्म या जाति के व्यक्ति के साथ हो जाती है तो उनका रिश्तेदारों और समाज में सम्मान के नीचे गिर जाता है किंतु अधिकांश लोगों को अभी तक अंतरजातीय विवाह क्या है? (Inter Caste Marriage) के संबंध में जानकारी नहीं है। 

इसलिए के द्वारा आज हम आपके लिए विस्तार पूर्वक अंतरजातीय विवाह का अर्थ और इसके लाभ तथा नुकसान के बारे में पूरी जानकारी साझा करने वाले हैं इसलिए आपसे अनुरोध है कि आप सभी लोग हमारे इस लेख को ध्यान पूर्वक पूरा जरूर पढ़ें।

अंतरजातीय विवाह क्या है? (Inter Caste Marriage Kya hai in Hindi) 

इसमें कोई दो राय नहीं कि प्रत्येक मनुष्य का जीवन का सबसे महत्वपूर्ण हिसाब देवा होता है खासकर भारतीय संस्कृति में शादी विवाह को एक अलग महत्व दिया जाता है। क्योंकि हमारे समाज में सामाजिक दृष्टि से ही नहीं बल्कि धार्मिक दृष्टिकोण से भी विवाह को काफी अहमियत दी जाती है और प्राचीन काल से ही लोगों की मानसिकता के अनुसार सजातीय विवाह को सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। 

अंतरजातीय विवाह क्या है अंतरजातीय विवाह करने के लाभ व नुकसान

सजातीय विवाह का मतलब दोनों जोड़े एक ही पक्ष और एक ही जाति के होते हैं लेकिन यदि दो अलग-अलग जातियों के लोग आपस में विवाह करते हैं तो उसे अंतरजातीय विवाह कहा जाता है। जब भी कोई व्यक्ति अंतरजातीय विवाह करता है तो उसके परिवार में झगड़े, फसाद और कलह होना शुरू हो जाता है। हालांकि भारत सरकार के द्वारा लोगों के अंदर अंतरजातीय विवाह को लेकर वासी धारणा को खत्म करने के लिए अंतरजातीय विवाह करने वाले नव विवाहित जोड़े को प्रोत्साहन राशि के साथ-साथ कई सुविधाएं प्रदान की जाती हैं। 

आप में से कुछ ही लोग होंगे जो अंतरजातीय विवाह करने के फायदे और इसके नुकसान के संबंध में जानते होंगे अगर आपको इसके संबंध में जानकारी नहीं है तो यह लेख आपको पूरा अंत तक पढ़ने की आवश्यकता है तो चलिए बिना समय की बर्बादी करते हुए हम आपको अंतरजातीय विवाह के लाभ और इससे होने वाले नुकसान के बारे में आपको बताना शुरू करते है-

अंतरजातीय विवाह के फायदे | advantages of inter caste marriage

अगर आप सोच रहे हैं कि इंटर कास्ट मैरिज करने से हमें क्या लाभ मिलेगा तो हम आपको बता दें कि अंतर जाती है विवाह करने वाले लोगों को कई लाभ मिलते हैं जिनमें से कुछ का विवरण हमने सूचीबद्ध रूप में नीचे प्रदान किया है –

दूसरे समुदाय की संस्तुतियों को समझने का अफसर

जैसा कि आप सभी जानते हैं कि जब एक ही जाति और धर्म के जोड़ों का विवाह होता है तो उन्हें केवल अपनी संस्कृति को समझने का अवसर मिलता है लेकिन जब दो अलग-अलग जातियों और धर्म के लोग विवाह करते है।

तो उन्हें अलग-अलग संस्कृतियों से ताल्लुक बनाने और उन्हें समझने का अवसर मिलता है जिसे ना सिर्फ दोनों की विचारधाराओं में मानसिक और व्यवहारिक परिवर्तन आता है बल्कि उन्हें एक दूसरे किस संस्कृतियों को समझने और अपनाने का भी अवसर मिलता है।

केंद्रीय एवं राज्य सरकार के द्वारा सहायता

भारतीय संविधान के अनुसार यदि कोई बालिक अपनी सुरक्षा से किसी दूसरी जाति के लड़के से विवाह करना चाहती है तो इस कार्य में सरकार स्वयं उनकी सहायता करती है। क्योंकि भारतीय संविधान में हर लड़का लड़की को अपनी इच्छा से अपना जीवन जीने और अपना जीवन साथी चुनने का पूर्ण हक है। 

यही कारण है कि सरकारी सहायता मिलने की वजह से आज समाज में तेजी से अंतर जाती है विवाह को बढ़ावा मिल रहा है और अधिकांश युवा युवती अलग-अलग जातियों में अपना विवाह कर रहे है। 

समाज को समझने का नया नज़रिया 

ज्यादातर लोगों को यह बात परेशान करती है कि समाज क्या रहेगा क्योंकि प्राचीन काल से अब तक जो भी होता है समाज ने उसे एक नया और अलग कानून समझ लिया है। इसलिए यह जरूरी है कि हम समाज के नजरिए को बदलने और परिवर्तन करने में उनके समक्ष एक नया नजरिया प्रस्तुत कर सकें।

जिसके लिए अंतर जाती है विवाह एक सटीक और सर्वश्रेष्ठ तरीका है। जो समाज के लिए एक उदाहरण है कि सभी जाति के लोग एक समान होते हैं और कोई बड़ा या छोटा नहीं होता।

समाज में चल रहे जातिवाद का नाश

प्राचीन काल से ही लोग निम्न जाति के वर्ग के लोगों को तुच्छ समझते हैं और उनके प्रति किसी भी प्रकार का सम्मान नहीं रखते है लेकिन जिस प्रकार आज अंतरजातीय विवाह को बढ़ावा मिला है। 

वह निम्न जातियों को गिरी नजरों से देखने वाले लोगों के लिए एक सबक है। यह न सिर्फ सामाजिक जातिगत धारणा को कम करने और स्वयं का विकास करने में काफी मददगार साबित हो रही है।

अनुवांशिक रोगों से छुटकारा

आप सभी ने यह जरूर सुना होगा कि पीढ़ी दर पीढ़ी लोगों के गुणधर्म, बनावट और व्यवहार एक दूसरे में जीन के जरिए आते जाते है और कई बार तो अनुवांशिक बीमारियां भी एक दूसरे में आ जाती है, जिसका इलाज लगभग न मुमकिन है।

और इससे लोगो की आयु भी कम होती जाती है लेकिन अगर कोई व्यक्ति अंतरजातीय विवाह कर लेता है तो अनुवांशिक रोगों का एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में जाना संभावना नहीं होता है, जिससे अनुवांशिक रोगों से छुटकारा भी मिलता है। 

ऐच्छिक विवाह से जीवन में शांति

आम तौर पर लोग अपने बच्चो का विवाह उनकी इच्छा के विरुद्ध कर कर देते है और जब कोई कार्य इच्छा के विपरीत होता है तो उसका कोई अर्थ होता है, परिणाम स्वरूप लोगो का जीवन में खुशियां नही देखी जाती है।

लेकिन अगर कोई अपनी इच्छा के अनुसार अंतरजातीय विवाह करता है तो इससे न सिर्फ नवविवाहित जोड़ों में खुशहाल जीवन व्यतीत करने की संभावना रहती है, जिसे ऐच्छिक विवाह से जीवन में शांति बनी रहती है।

अंतरजातीय विवाह के नुकसान | disadvantages of interracial marriage

जहां एक और अंतरजातीय विवाह करने के कई फायदे हैं वहीं दूसरी ओर अंतरजातीय विवाह करने के कई अंकगणित नुकसान भी हैं तो लिए अंतरजातीय विवाह करने के नुकसान के बारे में जान लेते है, जो निम्न प्रकार से है-

  • जो लोग Antarjatiya Vivah करते हैं उन विवाहित जोड़ों को छोड़कर अन्य सभी परिवार के सदस्यों में किसी प्रकार की खुशी और उत्साह का माहौल देखने को नहीं मिलता।
  • बल्कि पूरे परिवार में कलह और अलगाव होना शुरू हो जाता है, जिससे नासिर परिवार की सुख शांति भंग होती है बल्कि इसे उनके सम्मान पर एक दाग भी माना जाता है।
  • कई बार तो अंदर जाति विवाह करने वाले नव विवाह जोड़ों को समाज से निष्कासित कर दिया जाता है। 
  • जहां भारत में विवाह को एक अलग दर्जा दिया गया है वह Inter Cast marriage के मामले में लोग धर्म तर्कों का सहारा लेने से भी पीछे नहीं हटते इन लोगों के अनुसार स्वयं भगवान श्री कृष्ण ने भी अंतर्जातीय विवाह को दोष बताया है।
  • कई बार दो अंतरजातीय विवाह के नाम पर लोगों से छल कपट भी किया जाता है। लव जिहाद पर विवाह के नाम पर किया जाने वाला एक छल है।
  • Antarjatiya Vivah कर लेने के पश्चात भी कुछ लोग एक दूसरे की संस्कृति को अपनाते नहीं है क्योंकि बचपन से ही उन्हें अपनी संस्कृतियों को सर्वोच्च बताया और सुनाया जाता है।
  • जिसकी वजह से वह अन्य धर्म या जाति की संस्तुतियों को अपने से झिझकते हैं। जिसकी वजह से अंतरजातीय विवाह एक सुखी विवाह के स्थान पर दुखी और असफल विवाह में परिवर्तित हो जाता है।

अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन राशि | Inter Caste Marriage Incentive Fund

जैसा कि हमने आपको बताया कि सामाजिक जातिगत धारणा को खत्म करने के लिए Antarjatiya Vivah को प्रोत्साहित करने में केंद्र तथा राज्य सरकारें भी अपना अहम कदम उठा रहे हैं। जिसके लिए केंद्र और राज्य सरकारें नवविवाहित जोड़ों को आर्थिक सहायता दे रही है ताकि समाज से इस रूढ़िवादी बुराई को जड़ से समाप्त किया जा सके। जिसके लिए सरकार के द्वारा कई प्रकार की योजनाएं चलाई जा रही है।

जिनके माध्यम से Antarjatiya Vivah करने वाले जोड़े को सरकार के द्वारा आर्थिक सहायता राशि प्रदान की जाती है। इन योजनाओं के माध्यम से सरकारी अलग-अलग जातियों में विवाह करने वाले दंपतियों को ₹250000 से लेकर ₹300000 तक की सहायता राशि प्रदान कर रही है जो कि लड़का और लड़की दोनों के बैंक अकाउंट में अलग-अलग भेजी जाती है। 

Antarjatiya Vivah Related FAQs 

अंतरजातीय विवाह क्या है?

जब कोई अलग-अलग जाति और धर्म के लड़का और लड़की आपस में अपनी इच्छा से एक दूसरे से विवाह करते हैं तो उस विवाह को अंतरजातीय विवाह कहा जाता है यह विवाह किसी भी धर्म या जाति का नागरिक दूसरे या धर्म जाति में कर सकता है।

अंतरजातीय विवाह कौन कर सकता है?

कोई भी अलग-अलग जाति के लड़का और लड़की अपनी इच्छा अनुसार अंतरजातीय विवाह कर सकते हैं।

क्या अंतरजातीय विवाह करने पर सरकारी सहायता भी मिलती है?

जी हां, अंतरजातीय विवाह करने वाले दंपतियों को सरकार के द्वारा प्रोत्साहित करने के लिए सरकारी सहायता और पुलिस प्रोटेक्शन की सुविधा भी प्रदान की जाती है।

अंतरजातीय विवाह करना सही है गलत।

यह आपकी किस्मत और भविष्य के ऊपर निर्भर करता है क्योंकि हो सकता है सब कुछ सही रहने के बाद भी आपका पारिवारिक जीवन सुख में ना रहे इसलिए अंतरजातीय विवाह करना सही है या गलत इसके बारे में कहा नहीं जा सकता।

अंतरजातीय विवाह करने वाले लोगों को कितनी सहायता राशि दी जाती है?

 केंद्र एवं राज्य सरकारों के द्वारा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से अंतरजातीय विवाह करने वाले दंपतियों को ढाई लाख रुपए से लेकर ₹300000 तक की सहायता राशि दी जाती है।

निष्कर्ष

इस ब्लॉग पोस्ट के माध्यम से आदमी आप सभी के लिए अंतरजातीय विवाह क्या है? इसके लाभ और नुकसान के संबंध में बताया है। हम उम्मीद करते हैं कि आप सभी के लिए हमारे द्वारा इस आर्टिकल में बताई गई जानकारी पसंद आई होगी और आप अंतरजातीय विवाह से होने वाले फायदे और इसके नुकसान के संबंध में अच्छी तरह से समझ चुके होंगे।

लेकिन अगर समाजिक जातिगत धारणा को परिवर्तित करना है तो इसके लिए अंतरजातीय विवाह बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। अगर आपके लिए हमारे द्वारा इस आर्टिकल में बताइए जानकारी पसंद आई हो तो कृपया करके इसे अपने सभी दोस्तों के साथ शेयर जरूर करें।

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